Wednesday, January 7, 2026

क्या बागेश्वर वाले धीरेंद्र शास्त्री पाखंडी है ???

  बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री के एक्सपोज होने के बाद उनके बचाव में उतरे लोगों का एक लॉजिक बहुत ही तगड़ा है। वह यह नहीं कह रहे कि धीरेंद्र शास्त्री के ढोंग का भंडाफोड़ हुआ है, यह कुतर्क दे रहे हैं कि सनातन धर्म पर लगातार हमला करने की साजिशकर्ताओं का यह एक समूह है। आखिर धीरेंद्र शास्त्री के एक्सपोज होने का सनातन धर्म से क्या रिश्ता, आखिर इससे हिंदू धर्म कैसे खतरे में आ गया।

दूसरा आरोप यह है कि जो खुलासा करने वाले लोग हैं या हिंदू धर्म के पाखंड पर जो प्रश्न उठाने वाले लोग हैं वह क्यों नहीं क्रिश्चियन-मुस्लिमों के खिलाफ आवाज उठाते हैं, जबकि उनके धर्मों में भी पाखंड है। तीसरा सवाल वह यह उठाते हैं कि यह हिंदू धर्म पर एक विशेष तरह का प्रायोजित हमला है, जिसके लिए यूट्यूब बनाए जाते हैं और दुष्प्रचार का पूरा एक वितंडा खड़ा किया जाता है
 
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि धीरेंद्र शास्त्री के पाखंड ओं के खुलासे की शुरुआत सबसे पहले जनज्वार ने की थी, ऐसे में जनज्वार की जिम्मेदारी है कि इन प्रश्नों के तार्किक जवाब दिए जायें, जिससे कि हिंदू धर्म के भीतर जो लोग भी पाखंडी हों और तथाकथित चमत्कारियों के जाल में फंसे हुए हैं या फंस रहे हैं उन्हें मुक्त कराया जा सके। फिलहाल ही तर्कशास्त्री श्याम मानव ने धीरेंद्र शास्त्री को चमत्कार सिद्ध करने का जो चैलेंज दिया है वह जनज्वार का वीडियो देखने के बाद ही दिया है और यह मुद्दा राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाया हुआ है।
 

सनातन का मतलब क्या होता है????

 सनातन का शाब्दिक अर्थ है - शाश्वत, नित्य या हमेशा रहने वाला 

इसका गहरा अर्थ नीचे दिए गए बिंदुओं से समझा जा सकता है:
  • अनादि और अनंत: जिसका न कोई प्रारंभ हो और न ही कोई अंत, उसे सनातन कहते हैं। यह कल भी था, आज भी है और आने वाले कल में भी रहेगा।
  • सनातन धर्म: हिंदू धर्म को मूल रूप से 'सनातन धर्म' कहा जाता है क्योंकि यह किसी व्यक्ति विशेष द्वारा स्थापित नहीं है, बल्कि यह सृष्टि के नियमों और शाश्वत मूल्यों पर आधारित है।
  • प्राकृतिक नियम: जैसे सूर्य का प्रकाश देना या अग्नि का गर्म होना एक शाश्वत सत्य है, वैसे ही सत्य, अहिंसा, दया और क्षमा जैसे गुणों को अपनाना सनातन धर्म का हिस्सा माना जाता है।
  • आध्यात्मिक अर्थ: जो हर काल (भूत, भविष्य, वर्तमान) में अपरिवर्तनीय और सत्य बना रहे, वही सनातन है। 
संक्षेप में, जो सदा से चला आ रहा है और सदा बना रहेगा, वही सनातन है।

क्या सनातन और धर्म के नाम पर भारत में लोगों को लूटा जा रहा है... ???

 धर्म और आस्था का सकारात्मक पक्ष:

भारत में 'सनातन' और 'धर्म' करोड़ों लोगों के लिए जीवन जीने का आधार, मानसिक शांति और नैतिकता का स्रोत है। सनातन धर्म के सिद्धांतों ने हमेशा परोपकार, सेवा और मानवता का संदेश दिया है। आज भी कई धार्मिक संस्थाएं शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा राहत (जैसे अस्पताल और स्कूल चलाना) में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
 धर्म के नाम पर शोषण (नकारात्मक पक्ष):
यह भी एक वास्तविकता है कि कुछ स्वार्थी तत्व धर्म और आस्था की आड़ में लोगों को गुमराह करते हैं और अपना निजी लाभ सिद्ध करते हैं। इसे निम्नलिखित तरीकों से देखा जा सकता है:
  • अंधविश्वास का व्यापार: कुछ ढोंगी बाबा या तांत्रिक लोगों के डर और असुरक्षा का फायदा उठाकर उनसे पैसे ऐंठते हैं।
  • भ्रामक प्रचार: धर्म के नाम पर ऐसे अनुष्ठान या समाधान बेचना जिनका कोई तार्किक या आध्यात्मिक आधार नहीं है।
  • कट्टरता और ध्रुवीकरण: कभी-कभी धर्म का उपयोग राजनीतिक या व्यक्तिगत शक्ति प्राप्त करने के लिए लोगों को बांटने में किया जाता है।
निष्कर्ष:
यह कहना गलत होगा कि पूरे धर्म के नाम पर लूट हो रही है, लेकिन यह सच है कि 'धर्म के नाम पर लूट करने वाले' सक्रिय हैं।
बचाव के उपाय:
  • जागरूकता: असली आध्यात्मिकता और अंधविश्वास के बीच अंतर समझना जरूरी है।
  • तर्कशीलता: किसी भी व्यक्ति या संस्था पर अंधा विश्वास करने के बजाय उनके कार्यों और उद्देश्यों को परखना चाहिए।
  • कानूनी कार्रवाई: यदि कोई धर्म के नाम पर आर्थिक या शारीरिक शोषण करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत कानूनी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
धर्म व्यक्तिगत उन्नति का मार्ग है, न कि किसी के शोषण का माध्यम।