सनातन का शाब्दिक अर्थ है - शाश्वत, नित्य या हमेशा रहने वाला।
इसका गहरा अर्थ नीचे दिए गए बिंदुओं से समझा जा सकता है:
- अनादि और अनंत: जिसका न कोई प्रारंभ हो और न ही कोई अंत, उसे सनातन कहते हैं। यह कल भी था, आज भी है और आने वाले कल में भी रहेगा।
- सनातन धर्म: हिंदू धर्म को मूल रूप से 'सनातन धर्म' कहा जाता है क्योंकि यह किसी व्यक्ति विशेष द्वारा स्थापित नहीं है, बल्कि यह सृष्टि के नियमों और शाश्वत मूल्यों पर आधारित है।
- प्राकृतिक नियम: जैसे सूर्य का प्रकाश देना या अग्नि का गर्म होना एक शाश्वत सत्य है, वैसे ही सत्य, अहिंसा, दया और क्षमा जैसे गुणों को अपनाना सनातन धर्म का हिस्सा माना जाता है।
- आध्यात्मिक अर्थ: जो हर काल (भूत, भविष्य, वर्तमान) में अपरिवर्तनीय और सत्य बना रहे, वही सनातन है।
संक्षेप में, जो सदा से चला आ रहा है और सदा बना रहेगा, वही सनातन है।
No comments:
Post a Comment